Archive for अगस्त, 2011

ईद और कजरी तीज पर सभी को हार्दिक बधाई।

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अरुण यह मधुमय देश हमारा

अरुण यह मधुमय देश हमारा———– मेरा महान देश भारत सब देशों में शिरोमणि है। इसका अतीत स्वर्णिम रहा है। एक समय था जब इसे सोने की चिड़िया कहा जाता था।”यह मेरा देश है” कथन में कितनी मधुरता है। इस पर जो कुछ है सब मेरा है। जो व्यक्ति ऐसी भावना से रहित है , उसके लिए ठीक ही कहा गया है——-
जिसको न निज गौरव तथा निज देश का अभिमान है।
वह नर नहीं नर पशु निरा है और मृतक समान है।।
देश के प्रति हमारे अनेक कर्तव्य हैं। जिस देश के नागरिक जितने शिष्ट , सभ्य और शिक्षित होंगे, वह राष्ट्र उतना ही विकसित माना जाएगा। भगतसिंह जैसे देशभक्तों ने हँसते-हँसते फाँसी के फन्दे चूम लिए। अनेको ने जेल की यात्रा की। अतःहमें भी स्वार्थ को त्यागकर अपने देश को उन्नत बनाने का प्रयत्न करना चाहिए। बहुत से लोग स्वार्थ को महत्व देते हैं। उन्हीं स्वार्थी लोगों के परिणामस्वरुप ही देश में आर्थिक संकट , महंगाई और निर्धनता की बढ़ोत्तरी हो रही है। तन मन धन से देश की सेवा करिए। श्रीधर पाठक के शब्दों में———
जय उज्ज्वल कीर्ति विशाल हिन्द, जय करुण सिनधु, कृपालु हिन्द।
जय जयति सदा स्वाधीन हिन्द, जय जयति-जयति प्राचीन हिन्द।।
सभी भारतवासियों को मेरी ओर से स्वाधीनता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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श्रावणी और रक्षा-बंधन

श्रावण मास की पूर्णिमा को दो त्यौहार एकत्र हो जाते हैं। श्रावणी कर्म और रक्षाबंधन। श्रावणी का दिन अध्ययन का प्रथम दिन होता है। इस दिन यज्ञोपवीत का पूजन होता है और पुराना यज्ञोपवीत उतारकर नया धारण किया जाता है। बहन द्वारा भाई के हाथों में राखी बाँधने की प्रथा भी इस तिथी पर प्रचलित है। इस पर्व को सलूनों भी कहा जाता है। घरों में इस दिन सेवईया या खीर बनती है। पवित्र त्यौहार रक्षाबंधन विभिन्न प्रदेशों में अलग ढंग से मनाया जाता है। यह भाई-बहन के पावन प्रेम का पर्व है। राखी के इन धागों ने बड़ी बड़ी कुर्बानियाँ करवाई हैं। सुभद्रा कुमारी चौहान ने एक स्थान पर लिखा हैः—— मैंने , पढ़ा , शत्रुओं को भी , जब-जब राखी भिजवाई।रक्षा करने , दौड़ पड़े थे , राखी बन्ध वे भाई।।
हमारे त्यौहार हमारे जीवन का सहारा हैं। इस पावन पर्व पर सभी को बधाई।

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हैप्पी फ्रैंडशिप डे

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सुवचन

वार्तालाप के गुलदस्ते में प्रत्येक वचन सुगंधित फूल की तरह रखो।

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नागपंचमी

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सुविचार

मन के प्रतिकूल चलने से संकल्प शक्ति बढ़ती है।

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