Archive for जुलाई, 2011

सुविचार

मन, वचन और कर्म में साम्य लाने की कोशिश कीजिए।मन में कुछ सोचना , वचन से कुछ अन्य बात ही बोल देना और कर्म से कोई तीसरा कर्म कर गुज़रना अच्छा नहीं है।

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मंगलवार गौरी पूजन

सावन मास के हर मंगलवार को मंगला गौरी का पूजन किया जाता है। इस व्रत को स्त्रियाँ करती है स्नान के पश्चात पूजा समय एक पट्टे पर लाल सफेद वस्त्र रखकर कलश रखते हैं। चौमुखा दीपक तथा दीप रखते हैं। गणेश जी का पूजन सिंधूर पुष्पादि सेकरके लड्डूओं का भोग लगाते हैं। फिर कलश की पूजा करते हैं। मंगला गौरी के पूजन के लिए थाल में एक चकरा रखकर गंगाजी की मिट्टी से गौरी जी की प्रतिमा बनाते हैं। मंगला गौरी को स्नान कराके धूप-दीप आदि से पूजा करते हैं। १६ प्रकार के पुष्प , १६ भाँति के पत्ते , १६फल , १६लड्डू , ५मेवा १६ बार चढ़ाने का विधान है। इस दिन १६ लड्डू सासु को प्रणाम करके भेंट करते है। इस व्रत पूजन में नमक नहीं खाया जाता। एक अनाज की रोटी खाने का विधान है। दूसरे दिन गौर को कुआँ तालाब या नदी के तट पर विसर्जित कर दिया जाता है।

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