Archive for नवम्बर, 2010

गुरु नानकदेव की प्रमुख शिक्षाएं—————-

गुरु नानकदेव  की प्रमुख शिक्षाएं—————-
१==   परमात्मा   की  दृष्टि  में सब  मनुष्य समान हैं।
२== सदैव परोपकार में रत रहना।
३== बाह्य प्रदर्शन और आडम्बर धर्म के शत्रु हैं।
गुरु नानकदेव   एक  युग-प्रवर्तक महापुरुष , दिव्य संत फकीर , एक मौलिक चिन्तक और विचारक तथा महान धर्म प्रणेता थे। भारत के प्रत्येक धर्मावलम्बी के ह्यदय में  उनके प्रति श्रद्धा  है।

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गुरु नानकदेव की प्रमुख शिक्षाएं—————-

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कार्तिक पूर्णिमा

कार्तिक मास की पूर्णिमा “त्रिपुरी पूर्णिमा” भी कहलाती है। इस दिन यदि कार्तिका नक्षत्र हो तो तो महा कार्तिकी होती है। इस दिन सांयकाल भगवान का मत्स्यावतार हुआ था। इस दिन दिए हुएदानादि का दस यज्ञों के समान फल प्राप्त होता है। इस दिन संध्याकाल में त्रिपरोत्सव करके दीपदान करने से  पुनर्जन्मादि  कष्ट नहीं होता। मेष दान करने से ग्रह योग के कष्ट नष्ट होजाते हैं।
 आप सभी को गुरुनानक जयंती की बहुत  बधाई।

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जनमानस की अमूल्य निधी – पंडित जवाहर लाल नेहरु के जन्म दिवस को बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है।आपको बाल दिवस की बधाई।

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दीपावली , अन्नकूट और भैय्यदूज आपके लिए खूब ख़ुशियाँ लेकर आए , मेरी ईश्वर से यही प्रार्थना है——–

दीपावली , अन्नकूट और भैय्यदूज आपके लिए खूब ख़ुशियाँ लेकर आए , मेरी  ईश्वर से यही प्रार्थना है——–
         दीपावली हमें संगठन , आलोक और त्याग का संदेश देती हुई कहती है=  
                         दीपमाला कह रही है , दीप सा युग-युग जलो।
             घोरतम  को पार कर , आलोक बनकर तुम ढलो।।

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दीपावली—————– इस प्यारे से पर्व के अन्य नाम दिवाली और दीपमाला हैं।होली के समान दीपावली भी भारत के कृषक समाज में एक समृद्धिपूर्ण नवजीवन का संदेश लेकर आती है। इस अवसर पर किसानों की ख़रीफ की फसल कट कर घर आ जाती है। एक ओर उनके कोठार अन्न से भरते हैं , दूसरी ओर उनके ह्रदय आनन्द से भर उठते हैं————–

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दीपावली—————– इस प्यारे से पर्व के अन्य नाम दिवाली और दीपमाला हैं।होली के समान दीपावली भी भारत के कृषक समाज में एक समृद्धिपूर्ण नवजीवन का संदेश लेकर आती है। इस अवसर पर किसानों की ख़रीफ की फसल कट कर घर आ जाती है। एक ओर उनके कोठार अन्न से भरते हैं , दूसरी ओर उनके ह्रदय आनन्द से भर उठते हैं————–

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