जीवत्पुत्रिका-व्रत (पुत्र जीवी व्रत)१अक्तूबर२०१०

आश्विन  कृष्णा अष्टमी  को  पुत्र जीवी व्रत होता है। इस दिन भगवान सूर्य नारायण का व्रत  रखा जाता है। इस दिन न तो फल शाक आदि काटना चाहिए न काटे हुए फल आदि खाने चाहिए। यह व्रत पुत्रवती स्त्रियाँ  ही  पुत्र कीजीवन-रक्षा के उद्धेश्य  से करती हैं।एससे उन्हें पुत्र शोक नहीं होता। इसे वे निर्जल रहकर करती हैं। दिन-रात उपवास करके  दूसरे दिन पारण करति हैं। इस व्रत कि कथा बहुत विचित्र और दया का जीता-जागता उदाहरण है।

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