Archive for फ़रवरी, 2010

प्यार भरे पर्व पर एक पौष्टिक मिष्ठान———-

दलिए  की   कतली====
१००ग्राम  गेंहू   का   दलिया ,         २५०ग्राम  चीनी ,        १००ग्राम  खोया , ५०ग्राम  मिलेजुले  मेवे ,    ५छोटी इलाइची ,  एक  कटोरी घी।
                दलिए  को  साफ़  करके  घी  में  करारा  तल  लें।  मेवे  को भी  तल  कर  रख  दें। खोए को  कढ़ाही  में  सुनहरा  भूनकर   ठंडा  कर  लें।सभी  सामग्री  के  ठंडा  होने  पर  चीनी  की  तीन  तार  की  चाशनी  तैयार  कर  लें। अब  उसमें सभी सामग्री   डालकर आँच  पर  ही  अच्छी  तरह  मिलाकर   चिकनी  थाली  में  गरमागरम  फैला  दें।ऊपर से  इलाइची   पीसकरबुरक  दें।१५-२० मिनट बाद मनचाहे  आकार   की  कतलियां  काटकर  वरक  लगाकर  परोसें।

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भाईचारा , आस्तिकता तथा प्रेम-मिलन का प्रतीक होलीका पर्व सभी को शुभ हो।सभी आपस में प्रेम-पूर्वक रहें।यही ईश्वर से दुआ है।

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सत्यवचन

निन्दा  प्रेम   की  माला  का  मोती   है ,   अपयश   इश्क  की  ज्योति  का  उजाला  है।

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रंगीले पर्व में रंगीला स्वाद एक फल का————

चीकू   का  हलवा=====
          ७-८ पके  चीकू ,  आधा  प्याला  मेवा ,   चौथाई  प्याला  चीनी ,   आधा प्याला  दूध , दो बड़े  चम्मच  नारियल  बुरादा ,    ५-६ बादाम  गीरियां  कुटी   हुई।
     चीकू  छील  लें, बीज  निकालें  और  मैश  करें।पैन  में  मावा  डालकर  थोढ़ी  देर  भूनें। इसमें  चीकू  का  मिश्रण   मिलाएं।  दूध व चीनी   डालें।  खुश्क  हिने  तक  पकाएं।  नारियल का बुरादा  व बादाम गिरियों से  सजाकर  सर्व  करें।

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सत्यवचन

सन्तोष   वह  खजाना  है  ,   जो   गरीब को   शाह   बना   देता  है। संतोषरहित   बादशाह  भी  भूख़ा  रहता  है।

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जौ व चने के लड्डू होली में बनाएये———–

१प्याला   जौ  का  सत्तू ,    १प्याला   चने का  सत्तू ,    डेढ़ प्याला  पिघला  गर्म  घी ,  आधा प्याला  पीसी  चीनी ,  एक  छोटा  चम्मच    पिसी  छोटी   इलाइची ,, १०-१५ किशमिश ।
          एक   बड़े    बरतन   में   सारी  सामग्री     को मिला  लें  और  फिर     लड्डू   बना   लें।सबको  खिलाएं  और ख भी  मज़ा   लें।

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सत्यवचन

जीवन      का     पौधा     प्रेम    के    पानी    से     हरा-भरा     और   आबाद   रहता   है।

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