पराधीन सपनेहु सुख़ नाहीं—-

स्वतंत्रता    जीवन  और   परतंत्रता  मृत्यु  के  समान  है। १५  अगस्त  का  राष्ट्रीय  पर्व  केवल  भाषण  देने  या   सुनने  का  नहीं   है। यह   अमर  शहीदों  के  बलदानों  की  याद  दिलाता  है, जिन्होंने  जीवन  देकर  हमें  आज़ादी  का  उपहार  दिया। यह  हमें  स्वतंत्रता  बनाए  रखने  की  प्रेरणा  देता  है।इस  आज़ादी  को  बरकरार  नाए  रखने  के  लिए  हमें  आपसी  भेदभाव , ऊँच-नीच को  भुलाते  हुए  देश   की  उन्नति  में  अपने  तन-मन-धन  से  सहयोग  करना  चाहिए। तभी   हमारी   आज़ादी  बरकरार  रह सकती  है।

एक उत्तर दें

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: