उच्च रक्तचाप

उच्च  रक्तचाप   कभी    बढ़ती   उम्र    का   रोग   हुआ  करता   था  लेकिन   अब  ऐसा   नहीं    है।आज  ३०वर्ष  में  भी    रक्तचाप  सामान्य  से   अधिक   हो   जाता   है।युवाओं    में   ब्लड प्रेशर   की  समास्या   का  मुख्य  कारण   उनकी    अनियमित     जीवन शैली   और    गलत   खान-पान।सामान्य    रक्तदाब  १२०-९०    होना   चाहियें। ऊपरीदाब (सिस्टोलिक )    निचला दाब (डायस्टोलिक )  कहा   जाता   है।आमतौर    पर उच्च रक्तचाप   का  कोई  लक्षण  नहीं     होता, अतः  व्यक्ति  को   लम्बे  समय  तक   इसका  पता   नहीं   चलता। लेकिन    यदि  को   चक्कर   आयें, सिर दर्द  हो,   साँस   में   तक़लीफ़      हो , नींद  न   आए ,  शीथीलता   रहे ,  कम  मेहनत  करने   पर  सांस   फूले और   नाक  से   खून   गिरे  इत्यादि    तो    मेरी  आप सभी   से   प्रार्थना    है  कि    किसी  अच्छे   डाक्टर   को  तुरंत   दिखाए।
उच्च   रक्ततचाप    के    कारण ————
१=  चिंता ,  क्रोध ,   ईर्ष्या ,  भय  आदि   मानसिक   विकारों    का   होना।
२=    बार-बार     या   आवश्यकता    से    अधिक   खाना।
३=  मैदा   से   बने   खाद्ध  ,    चीनी  ,  मसाले ,    तेल-घी  अचार ,  मिठाईयां ,  मांस , चाय , सिगरेट   व  शराब  आदि का  सेवन।
४=   नियमित   खाने   में   रेशे ,   कच्चे   फल  और  सलाद  आदि    का   अभाव।
५=   श्रमहीन    जीवन, व्यायाम  का   अभाव।
६= पेट   और    पेशाब  संबंधी     पुरानी   बीमारी।

Advertisements

3 Responses so far »

  1. 3

    Jaankari ke liye Dhanywaad,, Par Hume Is Bhimari Kam Hone Ka Ilaaj Batye,, Humare Email Id Pe Bheje,, I Request U
    Mera BP–180-120

    bharatdshinde@rediffmail.com


Comment RSS · TrackBack URI

एक उत्तर दें

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: