आश्विन शुक्ला पूर्णिमा को ‘शरत-पूर्णिंमा’ कहते हैं।माताएं आज के दिन अपनी संतान की शुभकामना के लिए व्रत पूजन किया करती हैं। इस दिन आकाश निर्मित होता है अतः चाँद की किरण पृथ्वी पर भली प्रकार पड़ती है।।कुछ विद्वानों का मत है कि इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के करीब आ जाता हैऔर उसकी किरणों में अमृत होता है।इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने महारास किया था, इस कारण आज के दिन महारास की लीला अधिकाँश लोग खेलते हैं। कहीं कहीं बहन आज के दिन भाई की रक्षा के लिए व्रत रहा करती है।इस दिन खीर बनाकर भगवान को अर्पण करें।