बुद्धिमान अपने राह में काँटों का ढेर देखकर, मुड़कर चला जाएगा। परन्तु मूर्ख काँटों के ढेर के ऊपर छलाँग मारकर अपने को काँटों में जाकर फँसाएगा। वैसे ज्ञानी दुनिया के मार्ग में रुकावट देखकर , दुनिया से किनारा करता है , लेकिन अज्ञानी और मूर्ख़ उसमें ख़ुद को फंसाता है।