भादों सुदी एकादशी का नाम ही वामन एकादशी है।इसे परिवर्तनी एकादशी भी कहते हैं।इस दिन भगवान विष्णु करवट बदला करते हैं।इस दिन व्रत रख़कर वामन की पूजा करते हैं।इस दिन दही चावल और द्रव्य को दान में देने का महत्व है।भाद्रपद शुक्ला द्वादशी को वामनावतार की जन्ती मनाई जाती है।
Archive for August, 2009
हरतालिका तीज
भादव मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया को हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है।स्नान करने के बाद पार्वती जी की पूजा करके प्रसाद चढ़ाते हैं।शिव के लिए अंगोछा-धोती का दान करते हैं।एक सुहागपिटारी किसी ब्राह्मणी को दान में दी जाती है।१३मिठाई एक रुपया सास को प्रणाम कर भेंट किया जाता है।दूसरे दिन एक ब्राह्मण और एक ब्राह्मणी को सम्मान पूर्वक जिमाकर दक्षिणा देकर विदा करते हैं।इसके बाद स्वयं भोजन पाते हैं।एक समय शिवजी ने पार्वती जी को उनके पूर्व जन्म की याद दिलाते हुए इस व्रत के माहात्मय की जो कथा कही थी ,वो कथा सुनी जाती है।
सत्यविचार
१—- अत्याचारों के समक्ष कभी नतमस्तक नहीं होना चाहिए।
२—– भ्रष्टाचार व अन्य सामाजिक बुराईयों को कभी आश्रय न दें।
जया एकादशी
इस एकादशी का नाम प्रबोधिनी एकादशी भी है जो भादों बदी ११ को आती है।इस दिन भगवान उपेन्द्र की विधान सहित पूजा की जाती है। इस व्रत पूजन से दुख़ दूर होते हैं।इस दिन के साथ अयोध्या के राजा हरिशचन्द नाम के प्रतापी तथा चक्रवर्ती राजा की कहानी है।
शुभकामना(स्वतंत्रता दिवस)
सभी भारतवासियों को १५अगस्त(आज़ादी का दिन) की ढेर सारी शुभ कामनाएं।
हम अपने देशवासियों से यह निवेदन कर रहे हैं कि वे अपने पूर्वजों के समान ही एकता के सूत्र में बंध जाएं क्योंकि सही मायने में देश की उन्नति ही आपकी अपनी उन्नति है।तभी हमारी आज़ादी बरकरार रह सकती है।
‘अपनी आज़ादी को हम हरगिज़ लुटा सकते नही।
सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं।।
श्रीकृष्णा जन्म और एक मीठा पकवान(केसर पाक)
५००ग्राम खोया , १२५ग्राम चीनी , १२५ग्राम गोले का बुरादा , २ग्राम गऊ छाप रंग , एक ग्राम केसर।
खोया कद्दूकस करके कढ़ाही में डालें। फिर चीनी डालकर चलाएं।करीब १५मिनट बाद आँच से उतार कर आधा गोले का बुरादा और गऊ छाप रंग मिलाएं। एक ट्रे में थोढ़ा सा घी लगाकर आधा इंच मोटी परत बिछा दें।ऊपर से केसर का छिढ़काव करें।१-२ घंटे बाद चाँदी के वर्क लगाकर बरफी के आकार में काट लें।भगवान को भोग लगाएं और सबको सर्व करें।
कृष्ण कन्हैया का जन्म सभी खुशहाली से मनाएं। सबको एक बार फिर बधाई।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर ख़ास एक मीठा पकवान————–
बादाम की खीर====
७५०मिलीलिटर दूध , एक प्याला बादाम , दो बड़े चम्मच सूजी , ५०ग्राम चीनी , एक बढ़ा चम्मच कटा पिस्ता , कुछ बूंदें गुलाबजल।
सूजी को सूखा भून लें।आधा प्याला बादाम भिगोकर छील लें फिर थोढ़े से दूध के साथ पीस लें। शेष बादाम पतले काट कर रखें।पैन में दूध उबालने रखें।आँच धीमी करके इसमें सूजी व पिसे बादाम डालकर धीमी आँच पर ही पकाएं।खीर गाढ़ी होने पर आंच से उतार कर चीनी मिलाएं। कटे बादाम व पिस्ते से सजाकर ठंडी करके भगवान को भोग लगाकर सबको खिलाएं और स्वयं लें।
सत्यविचार
यदि घर का काम-काज करते हुए ज्ञान की उच्च मंजिल प्राप्त करना चाहो तो अपने घर में मंदिर की भावना पैदा करो और उसे अपने प्रेम एवं सेवा द्वारा समुचित मंदिर बना दो।