आषाणबदी एकादशी को योगिनी एकादशी के नाम से पुकारते हैं। इस दिन भगवान नारायण के व्रत और पूजा का विधान है।भगवान की प्रतिमा को स्नान कराके स्वच्छ वस्त्रों से सजाते हैं।धूप-दीप आदि से आरती करके ब्राह्मणों को भोजन कराके दान देते हैं। इस व्रत पूजन से पाप शाप तथा कोढ तक दूर हो जाता है।