आलू के द्वारा घरेलू चिकित्सा

आलू   में   लोहा, कैल्शियम, विटामिन बी०  तथा   फासफोरस   बहुतायत   में   होता   है।  आलू    खाते   रहने    से   रक्त्तवाहिनियाँ   बड़ी   आयु   तक   लचकदार   बनी    रहती   हैं। आलू    को    छिलका   सहित   गरम   राख    में    भूनकर    खाना   सबसे   अधिक   गुणकारी   होता   है।  कभी-कभी   चोट   लगने   पर   नील   पड़    जाती   है,नील   पड़ी   जगह   पर   कच्चा   आलू    पीसकर   लगाएं।गुर्दों    में    पथरी   होने    पर   केवल   आलू   खाते   रहने   से    बहुत   लाभ   होता   है। आलू    की   प्रकृति   क्षारीय   है   जो   अम्लता    को   कम   करती   है। आलू   को   पीसकर   त्वचा   पर  मलें,  रंग गोरा   हो   जाएगा।आलूओं    की    प्रोटीन   बूढ़ों   के    लिये   बहुत   ही   शक्ति   देने   वाली   और    बुढ़ापे   की   कमज़ोरी   दूर   करने   वाली   है।

1 Response so far »

  1. 1

    sameerlal said,

    रंग गोरा करने का आपने अच्छा बता दिया. :)


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