घरेलू चिकित्सा(भाग-३)

१=आलूबुख़ारा  पीलिया   ठीक   करता   है, यकृत   को   ताक़त   देता  है। यह  कब्ज़  दूर   करता  है।
२= आनार   हर  प्रकार  के  रोगों   में  दे   सकते  हैं। इसका  रस  पीना  ज़्यादा   लाभदायक  है।
३= अमरुद   ख़ाने   से   मानसिक  चिन्ताएँ  दूर  होती  हैं। मलेरिया  में   अमरुद   लाभ  करता  है।
४= पपीता   भोजन  के  बाद  खाना  चाहिये। पपीता  पेट  साफ़  करता  है।बवासीर  में   पका  हुआ  पपीता  लाभदायक  है।
५= नाशपाती   मस्तिष्क,ह्रदय ,आमाश्य   और  यकृत  को  बल  देती  है।
६= फालसा  शरीर  के  दूषित  मल  को  बाहर  निकालता  है।फालसा  खाने  से  रक्त बढ़ता  है।
७= शहतूत   कफ़नाशक  होता  है। गर्मी   के  मौसम  में   दोपहर  को  शहतूत  खाने  चाहिये।
८=अंजीर  ज़ुकाम  और   फेफड़े  के  रोगों  में  लाभदायक  है।
९= नारियल   की  सूखी   गिरी २५ग्राम  और   इतनी  ही  मिश्री  सूर्य  उदय  से   पहले   खाने  से  सिर-दर्द   बन्द  हो  जाता  है।
१०=  खजूर   दमा   और  सूखी   खाँसी   में  लाभ  करती  है। पेचिश  में    खजूर  और  दही  खाने  से  लाभ  होता  है।
सभी   भाई-बहनों   से   मेरा   निवेदन   है  कि   जहाँ   तक   हो  सके  अंग्रेज़ी   दवाईयों    का   प्रयोग  न   करें।छोटी तक़लीफों  को   तो    घरेलू    चिकित्सा    द्वारा   ठीक   किया   जा  सकता   है।अगर  किसी   भयंकर  बीमारी   से  जूझ    रहे  हैं, तब   भी  उस   बीमारी   का   अच्छी    तरह   पता   चलने  पर  ही   उस   बीमारी    के  विशेषज्ञ ( डाक्टर  )  के   पास   ही   जाएं 
ईश्वर  से    मेरी   यही    प्रार्थना   रहती    है  कि   सभी    को   स्व्स्थ   रखे।इसलिये   मैं   आजकल    आप    सभी   के लिये फलों   और   सब्जियों    द्वारा   घरेलू-चिकित्सा  लिख रही   हूँ और   आशा    करती   हूँ   कि   आप   इसका    लाभ   उठा    रहे  होंगें।

1 Response so far »

  1. 1

    sameerlal said,

    आभार जानकारी के लिए.


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