स्वास्थ्य रक्षा के साधन
स्वास्थ्य रक्षा के लिये विद्वानों ने , वैद्धों ने और शारीरिक विज्ञान- वेत्ताओं ने अनेक साधन बनाये हैं, जैसे———-
सन्तुलित भोजन , पौष्टिक पदार्थों का सेवन , शुद्ध जलवायु का सेवन , परिभ्रमण , संयम-नियम पूर्ण जीवन स्वच्छता , विवेकशीलता , पवित्र भाषण , व्यायाम , निश्चिन्तता इत्यादि।
कहावत है—– “स्वास्थ्य ही धन है।”
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ विचार रहा करते हैं।
जीवन में प्रसन्नता के लिये स्वास्थ्य और स्वास्थ्य के लिये व्यायाम नितान्त आवश्यक है।