ज़िंदगी

ज़िंदगी   में   कभी   हास   है   कभी   रुदन
कभी    सम्पदा   है   कभी   विपदा
कभी   संयोग   है   तो   कभी   वियोग
कभी   सम्मान   मिलता   है    तो   कभी   अपमान   का   भी    सामना   करना   पड़ता   है।
कभी    पुरुस्कार  मिलता    है   कभी    तिरस्कार   भी।
  मनुष्य   को   दोनों   स्थितियों   में    जीवन    जीना   है।   आशा   का   सम्बल    कभी   नहीं   छोड़ना   चाहियें।  दुख   को   चुनौती    समझकर   उसका   सामना   करना   वीरता   का   प्रतीक   है।  जीवन   का    हर   दिन    एक   त्यौहार    है   और   हर   रात   बसंती   रजनी (रात्रि)।  

1 Response so far »

  1. 1

    Arun Mhatre said,

    Its very nice tips to enjoy life healthy & joyfull day & nights.


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